मालूम है इस दुनियाँ में मशहूर नहीं है…
मालूम है इस दुनियाँ में मशहूर नहीं है ये गाँव तेरे दिल से तो अब दूर नहीं है,
Love Poetry
मालूम है इस दुनियाँ में मशहूर नहीं है ये गाँव तेरे दिल से तो अब दूर नहीं है,
माना कि अब तुम्हारा दिल भर गया होगा हमसे ना सही, प्यार कही और हो गया होगा, ये
शाम तक सुबह की नज़रों से उतर जाते है इतने समझौतों पे जीते है कि मर जाते है,
ख़्वाब के जज़ीरो पर एक दीया जलाना था और फिर हवाओं को रास्ता बताना था, दर्द की फ़सिलो
उदास शामो का तुम कुछ हिसाब रख लेना, दिल ए हज़ीं में मुहब्बत का बाब रख लेना, न
बारिश की बरसती बूँदों ने जब दस्तक दी दरवाज़े पर महसूस हुआ तुम आये हो, अंदाज़ तुम्हारे जैसा
अभी तो चाँद निकला है, अभी तो रात बाक़ी है दिल को दिल से कहनी है, अभी वो
वो लोग जो कुछ रोज़ जवानी में मिलेंगे हर शाम वो फिर तेरी कहानी में मिलेंगे, ढूँढो न
एक वो इतने खूबरू तौबा उसपे छूने की आरज़ू तौबा ! हाथ काँपेंगे रूह मचलेगी जब वो आएँगे
यूँ ही तन्हाई में अब दिल को सजा देते है नाम लिखते है तेरा लिख के मिटा देते