किसे अपना बनाएँ कोई इस क़ाबिल नहीं मिलता
किसे अपना बनाएँ कोई इस क़ाबिल नहीं मिलता यहाँ पत्थर बहुत मिलते हैं लेकिन दिल नहीं मिलता, मोहब्बत
Life Status
किसे अपना बनाएँ कोई इस क़ाबिल नहीं मिलता यहाँ पत्थर बहुत मिलते हैं लेकिन दिल नहीं मिलता, मोहब्बत
दुई का तज़्किरा तौहीद में पाया नहीं जाता जहाँ मेरी रसाई है मेरा साया नहीं जाता, मेरे टूटे
एक बिखरते आशियाँ की बात है एक शिकस्ता साएबाँ की बात है, मेरे माथे के निशाँ की बात
अब इजाज़त दे कि मैं हूँ जाँ ब लब ऐ ज़िंदगी मौत आती है बस अब हद्द ए
मैं ने देखा है कैसा ये सपना नया रात के इस पहर मुझ से बिछड़ा हुआ कोई अपना
मैं जो कहता हूँ तू कजरवी छोड़ दे वो ये कहती है तू दोस्ती छोड़ दे, मैं ये
जिसे ख़ुद से जुदा रखा नहीं है वो मेरा है मगर मेरा नहीं है, जिसे खोने का मुझ
जिस को इतना चाहा मैं ने जिस को ग़ज़ल में लिखा चाँद छोड़ गया है मुझ को कैसे
सोचता हूँ मैं कि कुछ इस तरह रोना चाहिए अपने अश्कों से तेरा दामन भिगोना चाहिए, ज़िंदगी की
यूँ शहर के बाज़ार में क्या क्या नहीं मिलता पर हुस्न में सानी कोई तेरा नहीं नहीं मिलता,