किसी भी शहर में जाओ कहीं क़याम करो

kisi bhi shahar me jaao

किसी भी शहर में जाओ कहीं क़याम करो कोई फ़ज़ा कोई मंज़र किसी के नाम करो, दुआ सलाम

कोई किसी की तरफ़ है कोई किसी की तरफ़

koi kisi ki taraf hai koi

कोई किसी की तरफ़ है कोई किसी की तरफ़ कहाँ है शहर में अब कोई ज़िंदगी की तरफ़,

चाहतें मौसमी परिंदे हैं रुत बदलते ही लौट जाते हैं

chahte mausami parinde hai

चाहतें मौसमी परिंदे हैं रुत बदलते ही लौट जाते हैं घोंसले बन के टूट जाते हैं दाग़ शाख़ों

दुख में नीर बहा देते थे सुख में हँसने लगते थे

dukh me neer baha dete the

दुख में नीर बहा देते थे सुख में हँसने लगते थे सीधे सादे लोग थे लेकिन कितने अच्छे

कुछ दिनों तो शहर सारा अजनबी सा हो गया

kuch dino to shahar sara

कुछ दिनों तो शहर सारा अजनबी सा हो गया फिर हुआ यूँ वो किसी की मैं किसी का

उठ के कपड़े बदल घर से बाहर निकल जो हुआ सो हुआ

uth ke kapde badal ghar se

उठ के कपड़े बदल घर से बाहर निकल जो हुआ सो हुआ रात के बाद दिन आज के

ज़ीस्त उनवान तेरे होने का

zist unwan tere hone ka

ज़ीस्त उनवान तेरे होने का दिल को ईमान तेरे होने का, मुझ को हर सम्त ले के जाता

हम ने जिस के लिए फूलों के जहाँ छोड़े हैं

hum ne jis ke liye

हम ने जिस के लिए फूलों के जहाँ छोड़े हैं उस ने इस दिल में फ़क़त ज़ख़्म ए

ये खटमल ये मक्खी ये मच्छर की दुनिया

ye khatmal ye makkhi

ये खटमल ये मक्खी ये मच्छर की दुनिया ये लंगूर भालू ये बंदर की दुनिया, ये कुत्तों गधों

ज़र्द मौसम के एक शजर जैसी

zard mausam ke ek sazar jaisi

ज़र्द मौसम के एक शजर जैसी सारी बस्ती है मेरे घर जैसी, जब बिगड़ता है वक़्त इंसाँ का