कभी झिड़की से कभी प्यार से समझाते रहे

kabhi jhidki se kabhi pyar se

कभी झिड़की से कभी प्यार से समझाते रहे हम गई रात पे दिल को लिए बहलाते रहे, अपने

सीने में ख़िज़ाँ आँखों में बरसात रही है

sine me khizaan aankhon me

सीने में ख़िज़ाँ आँखों में बरसात रही है इस इश्क़ में हर फ़स्ल की सौग़ात रही है, किस

ये शहर सेहर ज़दा है सदा किसी की नहीं

ye shahar sehar zada hai

ये शहर सेहर ज़दा है सदा किसी की नहीं यहाँ ख़ुद अपने लिए भी दुआ किसी की नहीं,

अजब अपना हाल होता जो विसाल ए यार होता

azab apna haal hota jo

अजब अपना हाल होता जो विसाल ए यार होता कभी जान सदक़े होती कभी दिल निसार होता, कोई

फिरे राह से वो यहाँ आते आते

fire raah se wo yahan aate aate

फिरे राह से वो यहाँ आते आते अजल मर रही तू कहाँ आते आते, न जाना कि दुनिया

ले चला जान मेरी रूठ के जाना तेरा

le chala jaan meri ruth ke jana

ले चला जान मेरी रूठ के जाना तेरा ऐसे आने से तो बेहतर था न आना तेरा, अपने

गली गली यूँ मोहब्बत के ख़्वाब बेचूँगा

gali gali yun mohabbat ke khwab

गली गली यूँ मोहब्बत के ख़्वाब बेचूँगा मैं रख के रेढ़ी पे ताज़ा गुलाब बेचूँगा, रही जो ज़िन्दगी

नशा नशे के लिए है अज़ाब में शामिल

nasha nashe ke liye hai

नशा नशे के लिए है अज़ाब में शामिल किसी की याद को कीजे शराब में शामिल, हर एक

तन्हा हुए ख़राब हुए आइना हुए

tanha hue kharab hue

तन्हा हुए ख़राब हुए आइना हुए चाहा था आदमी बनें लेकिन ख़ुदा हुए, जब तक जिए बिखरते रहे

कोई नहीं है आने वाला फिर भी कोई आने को है

koi nahin hai aane wala

कोई नहीं है आने वाला फिर भी कोई आने को है आते जाते रात और दिन में कुछ