बदनाम मेरे प्यार का अफ़साना हुआ है…

बदनाम मेरे प्यार का अफ़साना हुआ है
दीवाने भी कहते है कि दीवाना हुआ है,

रिश्ता था तभी तो किसी बेदर्द ने तोड़ा
अपना था तभी तो कोई बेगाना हुआ है,

बादल की तरह आ के बरस जाए एक दिन
दिल उसके होते हुए भी वीराना हुआ है,

बजते है ख्यालो में तेरी याद के घूँघरू
कुछ दिन से मेरा घर भी परी खाना हुआ है,

मौसम ने बनाया है निगाहो को शराबी
जिस फूल को देखू वही पैमाना हुआ है,

तन्हाई ज़िन्दगी की सज़ा हो गई है दोस्तों !
अब घर भी मेरा जैसे कोई मयखाना हुआ है,

बेरुखी की उम्मीद रखता हूँ दुनियाँ से अब
ऐतबार किसी पे किए हुए ज़माना हुआ है,

चाहता हूँ उसे जो हमें मिल नहीं सकता
फिर भी वो मेरे जीने का बहाना हुआ है..!!


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