बदन पे सूट उर्दू का गले में टाई उर्दू की
उन्हें मालूम है गहराई और गीराई उर्दू की,
बजाते हैं हर एक महफ़िल में ये शहनाई उर्दू की
कि सारी उम्र खाई है फ़क़त बालाई उर्दू की,
प्रोफ़ेसर ये उर्दू के जो उर्दू से कमाते हैं
इसी पैसे से बच्चों को ये अंग्रेज़ी पढ़ाते हैं..!!
~अहमद अल्वी