चाहा है तुझे मैंने तेरी ज़ात से हट कर…

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चाहा है तुझे मैंने तेरी ज़ात से हट करइस बार खड़ा हूँ मैं रवायात से हट कर, तुम

मुहब्बत सीप का मोती, बहर की पैकरानी है

Bazme_Muhabbat

कौन कहता है मुहब्बत बस एक कहानी हैमुहब्बत तो सहीफ़ा है, मुहब्बत आसमानी है, मुहब्बत को खुदारा तुम