उदास रात है कोई तो ख़्वाब दे जाओ
उदास रात है कोई तो ख़्वाब दे जाओ मेंरे गिलास में थोड़ी शराब दे जाओ, बहुत से और
उदास रात है कोई तो ख़्वाब दे जाओ मेंरे गिलास में थोड़ी शराब दे जाओ, बहुत से और
मेरी आँखों में तेरे प्यार का आँसू आए कोई ख़ुशबू मैं लगाऊँ तेरी ख़ुशबू आए, वक़्त ए रुख़्सत
ग़ज़लों का हुनर अपनी आँखों को सिखाएँगे रोएँगे बहुत लेकिन आँसू नहीं आएँगे, कह देना समुंदर से हम
यूँ तो हँसते हुए लड़कों को भी ग़म होता है कच्ची उम्रों में मगर तजरबा कम होता है,
हर्फ़ ए रंजिश पे कोई बात भी हो सकती है ऍन मुमकिन है, मुलाक़ात भी हो सकती है,
दिल में जो था वो हो गया मुझ को सुना के चुप सुन कर हुआ हूँ उस को
ये मेरा दिल कहाँ है अब तुम्हारी राजधानी है मेंरे दिल पर तुम्हारे दर्द ओ ग़म की हुक्मरानी
ये इश्क़ के सताए करेंगे लड़ाई ख़ाक घर फूँक के किया है तमाशा उड़ाई ख़ाक, हम से जो
तू क्या जाने रूह भी ज़ख़्मी होती है जब लफ़्ज़ों से दहशत गर्दी होती है, आ जाता है
जो भी मिले क़ुबूल है दें हाँ या न जवाब देखें मेंरे सवाल का देंगे वो क्या जवाब,