कोई हसीन मंज़र आँखों से जब ओझल हो जाएगा
मुझको पागल कहने वाला ख़ुद ही पागल हो जाएगा,
पलकों पे उसकी जलेंगे बुझेंगे जूगनू जब मेरी यादो के
कमरे में होगी अश्को की बरसातें घर जंगल हो जाएगा,
जिस दिन उसकी ज़ुल्फे उसके शानो पर खुल जाएँगी
उस दिन शर्म से पानी पानी ख़ुद भी बादल हो जाएगा,
जब भी वो पाकीज़ा दामन आ जाएगा कभी हाथ मेरे
आँखों का ये मैला पानी ख़ुद ब ख़ुद गँगा जल हो जाएगा,
उसकी यादें,उसकी बातें, उसकी वफ़ाएं, उसका प्यार
किसको ख़बर थी जीना मुश्किल एक एक पल हो जाएगा,
मत घबड़ा ऐ प्यासे दरियाँ सूरज आने वाला है
बर्फ पहाड़ो से जो पिघली तुझ मे जल ही जल हो जाएगा..!!
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