इश्क़ में जान से गुज़रते है गुज़रने वाले
मौत की राह नहीं देखते मरने वाले,
आखिरी वक़्त भी पूरा न किया वायदा ए वस्ल
आप आते ही रहे मर गए मरने वाले,
उठे और कूचा ए महबूब में पहुँचे आशिक़
ये मुसाफ़िर नहीं रस्ते में ठहरने वाले,
जान देने का कहा मैंने तो हँस कर बोले
तुम सलामत रहो हर रोज़ के मरने वाले,
आसमां पे जो सितारे नज़र आते है
याद आये मुझे दाग अपने उभरने वाले..!!
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