किसी के नाम रुत्बा और न ख़द्द ओ ख़ाल से मतलब

kisi ke naam rutba

किसी के नाम रुत्बा और न ख़द्द ओ ख़ाल से मतलब किरामन कातिबीं को ख़ल्क़ के आमाल से

कमर बाँधे हुए चलने को याँ सब यार बैठे हैं

kamar baandhe hue chalne

कमर बाँधे हुए चलने को याँ सब यार बैठे हैं बहुत आगे गए बाक़ी जो हैं तय्यार बैठे

कभी ख़ुद कभी औरो को हटाते रहिए

कभी ख़ुद कभी औरो

कभी ख़ुद कभी औरो को हटाते रहिए बस यूँ ही रास्तो को सहल बनाते रहिए, कही उठ जाइए

दुनियाँ की बुलंदी के तलबगार नहीं हैं

duniya ki bulandi ke talabgar nahi ahi

दुनियाँ की बुलंदी के तलबगार नहीं हैं हम अहल ए ख़िरद तेरे परस्तार नहीं हैं, बरगद की तरह

ज़िन्दा है जब तक मुझे बस गुनगुनाने है

zinda hoon jab tak gungunane hai

ज़िन्दा है जब तक मुझे बस गुनगुनाने है क्यूँकि गीत तेरे नाम के बड़े ही सुहाने है, है

किस सिम्त चल पड़ी है खुदाई ऐ मेरे ख़ुदा

kis simt chal padi hai khudaai ae mere khuda

किस सिम्त चल पड़ी है खुदाई ऐ मेरे ख़ुदा नफ़रत ही दे रही है दिखाई ऐ मेरे ख़ुदा,

हमसे तो किसी काम की बुनियाद न होवे

hamse to kisi kaam ki

हम से तो किसी काम की बुनियाद न होवे जब तक कि उधर ही से कुछ इमदाद न

हम न निकहत हैं न गुल हैं जो महकते…

ham nikhat hai na gul

हम न निकहत हैं न गुल हैं जो महकते जावें आग की तरह जिधर जावें दहकते जावें, ऐ

नदी के पार उजाला दिखाई देता है

नदी के पार उजाला

नदी के पार उजाला दिखाई देता है मुझे ये ख़्वाब हमेशा दिखाई देता है, बरस रही हैं अक़ीदत

कुछ परिंदों को तो बस दो चार…

kuch parindo ko to

कुछ परिंदों को तो बस दो चार दाने चाहिए कुछ को लेकिन आसमानों के खज़ाने चाहिए, दोस्तों का