दिल में एक लहर सी उठी है अभी

dil me ek lahar

दिल में एक लहर सी उठी है अभी कोई ताज़ा हवा चली है अभी, कुछ तो नाज़ुक मिज़ाज

राहज़न आदमी रहनुमा आदमी

raahjan aadmi rahnuma aadmi

राहज़न आदमी रहनुमा आदमी बार हा बन चुका है ख़ुदा आदमी, हाए तख़्लीक़ की कार पर्दाज़ियाँ ख़ाक सी

जान जब तक फ़िदा नहीं होती

jaan jab tak fida

जान जब तक फ़िदा नहीं होती पूरी रस्म ए वफ़ा नहीं होती, शीशा टूटे तो होती है आवाज़

बेवफ़ा से भी प्यार होता है

bewafa se bhi pyar

बेवफ़ा से भी प्यार होता है यार कुछ भी हो यार होता है, साथ उस के जो है

सुब्ह के दर्द को रातों की जलन को भूलें

subah ke dard ko

सुब्ह के दर्द को रातों की जलन को भूलें किस के घर जाएँ कि इस वादा शिकन को

बेकसी हद से जब गुज़र जाए

bekasi had se jab

बेकसी हद से जब गुज़र जाए कोई ऐ दिल जिए की मर जाए, ज़िंदगी से कहो दुल्हन बन

लाख आवारा सही शहरों के फ़ुटपाथों पे हम

laakh aawara sahi shahron

लाख आवारा सही शहरों के फ़ुटपाथों पे हम लाश ये किस की लिए फिरते हैं इन हाथों पे

तुम पे क्या बीत गई कुछ तो बताओ यारो

tum pe kya beet

तुम पे क्या बीत गई कुछ तो बताओ यारो मैं कोई ग़ैर नहीं हूँ कि छुपाओ यारो, इन

हौसला खो न दिया तेरी नहीं से हम ने

hausla kho na diya

हौसला खो न दिया तेरी नहीं से हम ने कितनी शिकनों को चुना तेरी जबीं से हम ने,

हर एक रूह में एक ग़म छुपा लगे है मुझे

har ek rooh me

हर एक रूह में एक ग़म छुपा लगे है मुझे ये ज़िंदगी तो कोई बददुआ लगे है मुझे,