क्यूँ ज़मीं है आज प्यासी इस तरह ?

kyun zamin hai aaj pyasi is tarah

क्यूँ ज़मीं है आज प्यासी इस तरह ? हो रही नदियाँ सियासी इस तरह, जान की परवाह किसे

किस के नाम लिखूँ जो अलम गुज़र रहे हैं

kis ke naam likhoon jo alam guzar rahe hai

किस के नाम लिखूँ जो अलम गुज़र रहे हैं मेरे शहर जल रहे हैं मेरे लोग मर रहे

न ज़रूरत है दवा की न दुआ की दोस्तों !

naa zarurat dawa ki naa dua ki dosto

न ज़रूरत है दवा की न दुआ की दोस्तों ! दिल की गहराई से ज्यादा दर्द के फोड़े

ये और बात दूर रहे मंज़िलों से हम

ye aur baat rahe manzilo se door ham

ये और बात दूर रहे मंज़िलों से हम बच कर चले हमेशा मगर क़ाफ़िलों से हम, होने को

तू काश मिले मुझको अकेली तो बताऊँ

tu kaash mile mujhko akeli to bataaoo

तू काश मिले मुझको अकेली तो बताऊँ सुलझे मेरी क़िस्मत की पहेली तो बताऊँ, आने से तेरे पहले

अपनों ने वो रंज दिए हैं बेगाने याद आते हैं

apno ne wo ranz diya hai begaane yaad aate hai

अपनों ने वो रंज दिए हैं बेगाने याद आते हैं देख के उस बस्ती की हालत वीराने याद

अफ़सोस तुम्हें कार के शीशे का हुआ है

afsos tumhe kaar ke shishe ka hua hai

अफ़सोस तुम्हें कार के शीशे का हुआ है परवाह नहीं एक माँ का जो दिल टूट गया है,

हिज़्र के मौसम में ये बारिश का बरसना…

hizr ke mausam me ye baarish ka barsana kaisa

हिज़्र के मौसम में ये बारिश का बरसना कैसा ? एक सहरा में समन्दर का गुज़रना कैसा ?

धड़कन धड़कन यादों की बारात…

dhadkan dhadkan yaadon ki baraat akela kamra

धड़कन धड़कन यादों की बारात अकेला कमरा मैं और मेरे ज़ख़्मी एहसासात अकेला कमरा, गए दिनों की तस्वीरों

आज सीलिंग फैन से लटकी हुई है

aaj sealing fain se latki hui hai

आज सीलिंग फैन से लटकी हुई है ये मुहब्बत किस कदर भटकी हुई है, गैरो के कंधो पर