किसी दरबार की आमीन भरी खल्वत में

किसी दरबार की आमीन

किसी दरबार की आमीन भरी खल्वत में ऐन मुमकिन है तुम्हे मेरा पता मिल जाए, ये भी हो

दर्द कई होते है दिल में छुपाने के लिए

दर्द कई होते है

दर्द कई होते है दिल में छुपाने के लिए सब के सब आँसू नहीं होते दिखाने के लिए,

काश ! तुम मेरी होती तो क्या गज़ब ज़िन्दगी होती

kash tum meri hoti

काश ! तुम मेरी होती तो क्या गज़ब ज़िन्दगी होती फिर ना ज़िन्दगी में हमारी कभी कोई कमी

ख़्वाब के फूलों की ताबीरें कहानी हो गईं

ख़्वाब के फूलों की

ख़्वाब के फूलों की ताबीरें कहानी हो गईं ख़ून ठंडा पड़ गया आँखें पुरानी हो गईं, जिस का

अज़ीब कर्ब में गुज़री जहाँ जहाँ गुज़री

अज़ीब कर्ब में गुज़री

अज़ीब कर्ब में गुज़री जहाँ जहाँ गुज़री अगरचे चाहने वालो के दरमियाँ गुज़री, तमाम उम्र चिराग़ ए उम्मीद

तेरी यादें तेरी बातें तेरी ख़ामोशी तेरा फ़िक्र

तेरी यादें तेरी बातें

तेरी यादें, तेरी बातें, तेरी ख़ामोशी, तेरा फ़िक्र तेरा ज़िक्र, अब सब कुछ आसान सा लगता है, तू

गम से वो मेरे आशना न हुआ कभी

गम से वो मेरे

गम से वो मेरे आशना न हुआ कभी और दुःख मेरा मुझ से जुदा न हुआ कभी, ज़िन्दगी

अंज़ाम नहीं मिलता, उन्वान नहीं मिलता

अंज़ाम नहीं मिलता, उन्वान

अंज़ाम नहीं मिलता, उन्वान नहीं मिलता कम इश्क़ के दरिया में तूफ़ान नहीं मिलता, रोते है लिपट के

अधूरे ख़्वाब की अनोखी ताबीर होती है

adhure khwabo ki anokhi

अधूरे ख़्वाब की अनोखी ताबीर होती है हर हाथों में मुहब्बत की लकीर होती है, जरूरी तो नहीं

ऐसे मौसम में भला कौन जुदा होता है

ऐसे मौसम में भला

ऐसे मौसम में भला कौन जुदा होता है जैसे मौसम में तू हर रोज़ खफ़ा होता है, रोज़