दुनिया में यूँ भी हमने गुज़ारी है ज़िन्दगी

दुनिया में यूँ भी

दुनिया में यूँ भी हमने गुज़ारी है ज़िन्दगी अपनी कहाँ है जैसे उधारी है ज़िन्दगी, आवाज़ मुझको ना

संसार की हर शय का इतना ही फ़साना है

संसार की हर शय

संसार की हर शय का इतना ही फ़साना है एक धुंध से आना है एक धुंध में जाना

मर चुका हूँ कई बार फिर भी कई..

mar chuka hoo kai

मर चुका हूँ कई बार फिर भी कई बार मरना है मरने से पहले ज़िन्दगी को रग रग

बात इधर उधर तो बहुत घुमाई जा..

बात इधर उधर तो

बात इधर उधर तो बहुत घुमाई जा सकती है पर सच्चाई भला कब तक छुपाई जा सकती है

अब मुहब्बत का इरादा बदल जाना भी…

अब मुहब्बत का इरादा

अब मुहब्बत का इरादा बदल जाना भी मुश्किल है उन्हें खोना भी मुश्किल,उन्हें पाना भी मुश्किल है, ज़रा

रह के मक्कारों में मक्कार हुई है दुनिया

रह के मक्कारों में

रह के मक्कारों में मक्कार हुई है दुनिया मेरे दुश्मन की तरफ़दार हुई है दुनिया, पाक दामन थी

ऐसा अपनापन भी क्या जो अज़नबी

ऐसा अपनापन भी क्या

ऐसा अपनापन भी क्या जो अज़नबी महसूस हो साथ रह कर भी गर मुझे तेरी कमी महसूस हो,

गर्मी ए हसरत ए नाकाम से जल जाते हैं

garmi e hasrat e naqam

गर्मी ए हसरत ए नाकाम से जल जाते हैं हम चराग़ों की तरह शाम से जल जाते हैं,

बूढ़ा टपरा टूटा छपरा और उस पर बरसातें सच

बूढ़ा टपरा टूटा छपरा

बूढ़ा टपरा, टूटा छपरा और उस पर बरसातें सच उसने कैसे काटी होगी, लंबी लंबी राते सच ?

गँवाई किस की तमन्ना में ज़िन्दगी मैं ने

गँवाई किस की तमन्ना

गँवाई किस की तमन्ना में ज़िन्दगी मैं ने वो कौन है जिसे देखा नहीं कभी मैं ने, तेरा