अपनों को नहीं समझा अपना बेगाना समझ कर छोड़ दिया

apno ko nahin samjha

अपनों को नहीं समझा अपना बेगाना समझ कर छोड़ दिया अफ़्सोस हक़ीक़त को तुम ने अफ़्साना समझ के

आरज़ू ,हसरत, तमन्ना, मुद्दआ कोई नहीं

aarzoo hasrat tamanna muddaa

आरज़ू ,हसरत, तमन्ना, मुद्दआ कोई नहीं जब से तुम हो मेरे दिल में दूसरा कोई नहीं, बेवफ़ाई का

मेरे दर्द की तुझे क्या ख़बर है जिसे ख़बर कोई और है

mere dard ki tujhe

मेरे दर्द की तुझे क्या ख़बर है जिसे ख़बर कोई और है तू इलाज रहने दे चारागर मेरा

रखते हैं दुश्मनी भी जताते हैं प्यार भी

rakhte hain dushmani bhi

रखते हैं दुश्मनी भी जताते हैं प्यार भी हैं कैसे ग़म गुसार मेरे ग़म गुसार भी, अफ़्सुर्दगी भी

जान जब तक फ़िदा नहीं होती

jaan jab tak fida

जान जब तक फ़िदा नहीं होती पूरी रस्म ए वफ़ा नहीं होती, शीशा टूटे तो होती है आवाज़

बेवफ़ा से भी प्यार होता है

bewafa se bhi pyar

बेवफ़ा से भी प्यार होता है यार कुछ भी हो यार होता है, साथ उस के जो है

दस्तूर मोहब्बत का सिखाया नहीं जाता

dastur mohabbat ka sikhaya

दस्तूर मोहब्बत का सिखाया नहीं जाता ये ऐसा सबक़ है जो पढ़ाया नहीं जाता, कमसिन हैं वो ऐसे

मौत की सुन के ख़बर प्यार जताने आए

maut ki sun ke

मौत की सुन के ख़बर प्यार जताने आए रूठे दुनिया से जो हम यार मनाने आए, अच्छे दिन

ये कह के आग वो दिल में लगाए जाते हैं

ye kah ke aag

ये कह के आग वो दिल में लगाए जाते हैं चराग़ ख़ुद नहीं जलते जलाए जाते हैं, अब

हम ने फूलों को जो देखा लब ओ रुख़्सार के बाद

hum ne phoolon ko

हम ने फूलों को जो देखा लब ओ रुख़्सार के बाद फूल देखे न गए हुस्न ए रुख़