जिन्हें हम कह नहीं पाए वो बातें याद आती हैं

jinhen hum kah nahi paaye wo baaten yaad aati hain

जिन्हें हम कह नहीं पाए वो बातें याद आती हैं गुज़शता ना मुलाक़ातों की यादें याद आती हैं,

गलियों की बस ख़ाक उड़ा के जाना है

galiyon ki bas khaaq uda ke jana hai

गलियों की बस ख़ाक उड़ा के जाना है हम को भी आवाज़ लगा के जाना है, रस्ते में

वो किसी भी अक्स ए जमाल में नहीं आएगा

wo kisi bhi aks e jamal me nahi ayega

वो किसी भी अक्स ए जमाल में नहीं आएगा वो जवाब है तो सवाल में नहीं आएगा, नहीं

देखे हुए किसी को बहुत दिन गुज़र गए

dekhe hue kisi ko bahut din guzar gaye

देखे हुए किसी को बहुत दिन गुज़र गए इस दिल की बेबसी को बहुत दिन गुज़र गए, हर

तेरा ख़याल बहुत देर तक नहीं रहता

tera khyal bahut der tak nahi rahta

तेरा ख़याल बहुत देर तक नहीं रहता कोई मलाल बहुत देर तक नहीं रहता, उदास करती है अक्सर

जब तेरे नैन मुस्कुराते हैं

jab tere nain muskurate hain

जब तेरे नैन मुस्कुराते हैं ज़ीस्त के रंज भूल जाते हैं, क्यूँ शिकन डालते हो माथे पर भूल

हँस के बोला करो बुलाया करो

hans ke bola karo bulaya karo

हँस के बोला करो बुलाया करो आप का घर है आया जाया करो, मुस्कुराहट है हुस्न का ज़ेवर

साक़ी शराब ला कि तबीअ’त उदास है

saaqi sharab laa ki tabiyat udas hai

साक़ी शराब ला कि तबीअ’त उदास है मुतरिब रुबाब उठा कि तबीअ’त उदास है, रुक रुक के साज़

ख़ाली है अभी जाम मैं कुछ सोच रहा हूँ

khaali hai abhi jaam main kuch soch raha hoon

ख़ाली है अभी जाम मैं कुछ सोच रहा हूँ ऐ गर्दिश ए अय्याम मैं कुछ सोच रहा हूँ,

आप की आँख अगर आज गुलाबी होगी

aap ki aankh agar aaj gulabi hogi

आप की आँख अगर आज गुलाबी होगी मेरी सरकार बड़ी सख़्त ख़राबी होगी, मोहतसिब ने ही पढ़ा होगा