मेरी एक छोटी सी कोशिश तुम्हे पाने के लिए

meri ek chhoti si koshish

मेरी एक छोटी सी कोशिश तुम्हे पाने के लिए बन गई है मसअला सारे ज़माने के लिए, रेत

अधूरे ख़्वाब की अनोखी ताबीर होती है

adhure khwabo ki anokhi

अधूरे ख़्वाब की अनोखी ताबीर होती है हर हाथों में मुहब्बत की लकीर होती है, जरूरी तो नहीं

मौत तो एक दिन आनी ही है

kis simt chal padi hai khudai mere khuda

मौत तो एक दिन आनी ही है ज़िन्दगी जो मिली फ़ानी ही है, शख्स वो है अक्लमंद ओ

किसी दिन तो तू भी मुहब्बत हक़ीक़ी कर के देख

किसी दिन तो तू

किसी दिन तो तू भी मुहब्बत हक़ीक़ी कर के देख कैसे जीते है तेरे बगैर तू भी तो

ऐसे मौसम में भला कौन जुदा होता है

ऐसे मौसम में भला

ऐसे मौसम में भला कौन जुदा होता है जैसे मौसम में तू हर रोज़ खफ़ा होता है, रोज़

तेरे और मेरे बारे में जो मशहूर एक कहानी है

तेरे और मेरे बारे

तेरे और मेरे बारे में जो मशहूर एक कहानी है वही कहानी अब ज़माने के ज़हन से मिटानी

मैं सुबह बेचता हूँ, मैं शाम बेचता हूँ

main subah bechta hoo

मैं सुबह बेचता हूँ, मैं शाम बेचता हूँ नहीं मैं महज़ अपना काम बेचता हूँ, इन बूढ़े दरख्तों

पेड़ मुझे तब हसरत से देखा करते थे

ped mujhe tab hasrat se

पेड़ मुझे तब हसरत से देखा करते थे जब मैं जंगल में पानी लाया करता था, थक जाता

शोर करूँगा और न कुछ भी बोलूँगा

शोर करूँगा और न

शोर करूँगा और न कुछ भी बोलूँगा ख़ामोशी से अपना रोना रो लूँगा, सारी उम्र इसी ख्वाहिश में

थक गया है मुसलसल सफ़र उदासी का

थक गया है मुसलसल

थक गया है मुसलसल सफ़र उदासी का और अब भी है मेरे शाने पे सर उदासी का, वो