यूँ बने सँवरे हुए से फूल हैं गुलज़ार में

yun bane sanvre hue

यूँ बने सँवरे हुए से फूल हैं गुलज़ार में सैर को निकली हों जैसे लड़कियाँ बाज़ार में, ये

कर गए अश्क मेंरी आँख को जल थल क्या क्या

kar gaye ashk meri

कर गए अश्क मेंरी आँख को जल थल क्या क्या अब के बरसा है तेरी याद का बादल

होंठों को फूल आँख को बादा नहीं कहा

honthon ko phool aankh

होंठों को फूल आँख को बादा नहीं कहा तुझको तेरी अदा से ज़ियादा नहीं कहा, बरता गया हूँ

हाल ए दिल सुन के मेंरा सर ब गरेबाँ क्यूँ हैं

haal e dil sun

हाल ए दिल सुन के मेंरा सर ब गरेबाँ क्यूँ हैं जो किया आप ने अब उस पे

जमी हूँ बर्फ़ की सूरत पिघलना चाहती हूँ मैं

zami hoon barf ki

जमी हूँ बर्फ़ की सूरत पिघलना चाहती हूँ मैं हिसार ए ज़ात से बाहर निकलना चाहती हूँ मैं,

जो गुल है याँ सो उस गुल-ए-रुख़्सार साथ है

jo gul hai yaan

जो गुल है याँ सो उस गुल-ए-रुख़्सार साथ है क्या गुल है वो कि जिस के ये गुलज़ार

बाम पर आता है हमारा चाँद

baam par aata hai

बाम पर आता है हमारा चाँद आसमाँ से करे किनारा चाँद, आप ही की तलाश में साहब गर्दिशें

पहलू में बैठ कर वो पाते क्या ?

pahlu me baith kar

पहलू में बैठ कर वो पाते क्या दिल तो था ही नहीं चुराते क्या ? हिज्र में ग़म

तुम्हारे हाथ से कल हम भी रो लिए साहिब

tumhare haath se kal

तुम्हारे हाथ से कल हम भी रो लिए साहिब जिगर के दाग़ जो धोने थे धो लिए साहिब,

सब ने मिलाए हाथ यहाँ तीरगी के साथ

sab ne milaye haath

सब ने मिलाए हाथ यहाँ तीरगी के साथ कितना बड़ा मज़ाक़ हुआ रौशनी के साथ, शर्तें लगाई जाती