कभी ख़िरद से कभी दिल से दोस्ती कर ली
कभी ख़िरद से कभी दिल से दोस्ती कर ली न पूछ कैसे बसर हम ने ज़िंदगी कर ली,
Life Status
कभी ख़िरद से कभी दिल से दोस्ती कर ली न पूछ कैसे बसर हम ने ज़िंदगी कर ली,
मुझे तुम शोहरतों के दरमियाँ गुमनाम लिख देना जहाँ दरिया मिले बे आब मेरा नाम लिख देना, ये
होती है तेरे नाम से वहशत कभी कभी बरहम हुई है यूँ भी तबी’अत कभी कभी, ऐ दिल
तेरे आने का धोका सा रहा है दिया सा रात भर जलता रहा है, अजब है रात से
वो साहिलों पे गाने वाले क्या हुए वो कश्तियाँ चलाने वाले क्या हुए ? वो सुब्ह आते आते
गए दिनों का सुराग़ ले कर किधर से आया किधर गया वो अजीब मानूस अजनबी था मुझे तो
दयार ए दिल की रात में चराग़ सा जला गया मिला नहीं तो क्या हुआ वो शक्ल तो
दिल में एक लहर सी उठी है अभी कोई ताज़ा हवा चली है अभी, कुछ तो नाज़ुक मिज़ाज
दिल धड़कने का सबब याद आया वो तेरी याद थी अब याद आया, आज मुश्किल था सँभलना ऐ
निय्यत ए शौक़ भर न जाए कहीं तू भी दिल से उतर न जाए कहीं, आज देखा है