एक जाम खनकता जाम कि साक़ी…

एक जाम खनकता जाम

एक जाम खनकता जाम कि साक़ी रात गुज़रने वाली है एक होश रुबा इनआ’म कि साक़ी रात गुज़रने

दूर तक छाए थे बादल और कहीं..

door tak chhaye the

दूर तक छाए थे बादल और कहीं साया न था इस तरह बरसात का मौसम कभी आया न

जो हम पे गुज़रे थे रंज़ सारे, जो ख़ुद पे…

जो हम पे गुज़रे थे

जो हम पे गुज़रे थे रंज़ सारे, जो ख़ुद पे गुज़रे तो लोग समझे जब अपनी अपनी मुहब्बतों

नसीम ए सुबह गुलशन में गुलो से खेलती होगी

नसीम ए सुबह गुलशन

नसीम ए सुबह गुलशन में गुलो से खेलती होगी किसी की आख़िरी हिचकी किसी की दिल्लगी होगी, तुम्हे

उम्र भर चलते रहे हम वक़्त की तलवार पर

उम्र भर चलते रहे

उम्र भर चलते रहे हम वक़्त की तलवार पर परवरिश पाई है अपने ख़ून ही की धार पर,

ज़िन्दगी की कशमकश से परेशान बहुत है

zindagi ki kashmakash se pareshan bahut hai

ज़िन्दगी की कशमकश से परेशान बहुत है दिल को न उलझाओ ये नादान बहुत है, यूँ सामने आ

महफ़िले ख़्वाब हुई रह गए तन्हा चेहरे

महफ़िले ख़्वाब हुई रह

महफ़िले ख़्वाब हुई रह गए तन्हा चेहरे वक़्त ने छीन लिए कितने शनासा चेहरे, सारी दुनियाँ के लिए

दिल से उतर जाने में एक लम्हा लगता है

dil se utar jane me

दिल से उतर जाने में एक लम्हा लगता है दिल के बदल जाने में एक लम्हा लगता है,

दर्द कई होते है दिल में छुपाने के लिए

दर्द कई होते है

दर्द कई होते है दिल में छुपाने के लिए सब के सब आँसू नहीं होते दिखाने के लिए,

ख़्वाब के फूलों की ताबीरें कहानी हो गईं

ख़्वाब के फूलों की

ख़्वाब के फूलों की ताबीरें कहानी हो गईं ख़ून ठंडा पड़ गया आँखें पुरानी हो गईं, जिस का