अच्छा है उन से कोई तक़ाज़ा किया न जाए

achcha hai un se

अच्छा है उन से कोई तक़ाज़ा किया न जाए अपनी नज़र में आप को रुस्वा किया न जाए,

लोग कहते हैं कि तू अब भी ख़फ़ा है मुझ से

log kahte hai ki

लोग कहते हैं कि तू अब भी ख़फ़ा है मुझ से तेरी आँखों ने तो कुछ और कहा

ख़ुद से इतनी भी अदावत तो नहीं कर सकता

khud se itni bhi

ख़ुद से इतनी भी अदावत तो नहीं कर सकता अब कोई मुझ से मोहब्बत तो नहीं कर सकता,

मायूसी की कैफ़िय्यत जब दिल पर तारी हो जाती है

mayusi ki kaifiyat jab

मायूसी की कैफ़िय्यत जब दिल पर तारी हो जाती है रफ़्ता रफ़्ता दीन ओ दुनिया से बे ज़ारी

हम पर करेगा रहमतें परवर दिगार भी

hum par karega rahmaten

हम पर करेगा रहमतें परवर दिगार भी हालात अपने होंगे कभी साज़गार भी, तू ने भुला दी चाहतें

सामने रह कर न होना मसअला मेरा भी है

samne rah kar na

सामने रह कर न होना मसअला मेरा भी है इस कहानी में इज़ाफ़ी तज़्किरा मेरा भी है, बे

आहन में ढलती जाएगी इक्कीसवीं सदी

aahan me dhalti jayegi

आहन में ढलती जाएगी इक्कीसवीं सदी फिर भी ग़ज़ल सुनाएगी इक्कीसवीं सदी, बग़दाद दिल्ली मास्को लंदन के दरमियाँ

उदास रात है कोई तो ख़्वाब दे जाओ

udaas raat hai koi

उदास रात है कोई तो ख़्वाब दे जाओ मेंरे गिलास में थोड़ी शराब दे जाओ, बहुत से और

मेरी आँखों में तेरे प्यार का आँसू आए

mere aankh me tere

मेरी आँखों में तेरे प्यार का आँसू आए कोई ख़ुशबू मैं लगाऊँ तेरी ख़ुशबू आए, वक़्त ए रुख़्सत

ग़ज़लों का हुनर अपनी आँखों को सिखाएँगे

gazalon ka hunar apni

ग़ज़लों का हुनर अपनी आँखों को सिखाएँगे रोएँगे बहुत लेकिन आँसू नहीं आएँगे, कह देना समुंदर से हम