मौत की सुन के ख़बर प्यार जताने आए

maut ki sun ke

मौत की सुन के ख़बर प्यार जताने आए रूठे दुनिया से जो हम यार मनाने आए, अच्छे दिन

तमाम उम्र अज़ाबों का सिलसिला तो रहा

tamam umr azaabon ka

तमाम उम्र अज़ाबों का सिलसिला तो रहा ये कम नहीं हमें जीने का हौसला तो रहा, गुज़र ही

वो लोग ही हर दौर में महबूब रहे हैं

wo log hi har

वो लोग ही हर दौर में महबूब रहे हैं जो इश्क़ में तालिब नहीं मतलूब रहे हैं, तूफ़ान

सुब्ह के दर्द को रातों की जलन को भूलें

subah ke dard ko

सुब्ह के दर्द को रातों की जलन को भूलें किस के घर जाएँ कि इस वादा शिकन को

मौज ए गुल मौज ए सबा मौज ए सहर लगती है

mauj e gul mauj

मौज ए गुल मौज ए सबा मौज ए सहर लगती है सर से पा तक वो समाँ है

लाख आवारा सही शहरों के फ़ुटपाथों पे हम

laakh aawara sahi shahron

लाख आवारा सही शहरों के फ़ुटपाथों पे हम लाश ये किस की लिए फिरते हैं इन हाथों पे

तुम पे क्या बीत गई कुछ तो बताओ यारो

tum pe kya beet

तुम पे क्या बीत गई कुछ तो बताओ यारो मैं कोई ग़ैर नहीं हूँ कि छुपाओ यारो, इन

हर एक रूह में एक ग़म छुपा लगे है मुझे

har ek rooh me

हर एक रूह में एक ग़म छुपा लगे है मुझे ये ज़िंदगी तो कोई बददुआ लगे है मुझे,

दिल को हर लम्हा बचाते रहे जज़्बात से हम

dil ko har lamha

दिल को हर लम्हा बचाते रहे जज़्बात से हम इतने मजबूर रहे हैं कभी हालात से हम, नशा

ऐ दर्द ए इश्क़ तुझ से मुकरने लगा हूँ मैं

ae dard e ishq

ऐ दर्द ए इश्क़ तुझ से मुकरने लगा हूँ मैं मुझ को संभाल हद से गुज़रने लगा हूँ