यूँ तो हँसते हुए लड़कों को भी ग़म होता है

yun to hanste hue

यूँ तो हँसते हुए लड़कों को भी ग़म होता है कच्ची उम्रों में मगर तजरबा कम होता है,

हर्फ़ ए रंजिश पे कोई बात भी हो सकती है

harf e ranjish pe

हर्फ़ ए रंजिश पे कोई बात भी हो सकती है ऍन मुमकिन है, मुलाक़ात भी हो सकती है,

सच कहने से यार ख़फ़ा हो जाते हैं

sach kahne se yaar

सच कहने से यार ख़फ़ा हो जाते हैं दिल के सब अरमान हवा हो जाते हैं, हद से

तुम को वफ़ा से क्या मतलब है जाओ अपना काम करो

tum ko wafa se

तुम को वफ़ा से क्या मतलब है जाओ अपना काम करो दिन भर भटके आवारा से अब जा

चलो तुम को मिलाता हूँ मैं उस मेहमान से पहले

chalo tum ko milata

चलो तुम को मिलाता हूँ मैं उस मेहमान से पहले जो मेरे जिस्म में रहता था मेरी जान

बाहर नहीं तो ख़ुद ही के अंदर तलाश कर

bahar nahi to khud

बाहर नहीं तो ख़ुद ही के अंदर तलाश कर सहरा है जिस जगह पे समुंदर तलाश कर, मुमकिन

एक ग़म ही तो यार है अपना

ek gam hi to

एक ग़म ही तो यार है अपना दिल जो उन पर निसार है अपना, हम तो कब के

हिज्र की शब नाला ए दिल वो सदा देने लगे

hizr ki shab naala

हिज्र की शब नाला ए दिल वो सदा देने लगे सुनने वाले रात कटने की दुआ देने लगे,

रो रहा था मैं भरी बरसात थी

ro raha tha main

रो रहा था मैं भरी बरसात थी हाल क्या खुलता अँधेरी रात थी, मेरे नालों से है बरहम

किसी के नाम रुत्बा और न ख़द्द ओ ख़ाल से मतलब

kisi ke naam rutba

किसी के नाम रुत्बा और न ख़द्द ओ ख़ाल से मतलब किरामन कातिबीं को ख़ल्क़ के आमाल से