घने बादलो से जो कभी थोड़ी धूप निकलती रहती

shaam se aaj saans bhari hai

घने बादलो से जो कभी थोड़ी धूप निकलती रहती आसरे उम्मीद के मुमकिन है ज़िन्दगी चलती रहती, हुस्न

क्या करेंगे आप मेरे दिल का मंज़र देख कर

zahar ke ghoont bhi hans hans ke piye jate hai

क्या करेंगे आप मेरे दिल का मंज़र देख कर ख़ामखा हैरान होंगे एक समन्दर देख कर, ये अमीरों

हमने सुना था फ़रिश्ते जान लेते है…

hamne suna tha farishte jaan lete hai

हमने सुना था फ़रिश्ते जान लेते है खैर छोड़ो ! अब तो इन्सान लेते है, इश्क़ ने ऐसी

खुद ही जवाब देता खुद सवाल करता है

khud hi jawab deta khud sawal

खुद ही जवाब देता खुद सवाल करता है जमाना तेरा मेरे मौला कमाल करता है, भूले से भी

अमीरों को मिलती है हर जगह इज्ज़त

ye gurbat ham garibo ko kahan izzat paane deti hai

अमीरों को मिलती है हर जगह इज्ज़त ये ग़ुरबत हम गरीबो को कहाँ इज्ज़त पाने देती है, झोलियाँ

आ जाओ मैं लोरी गा के सुना देता हूँ…

ye dil avezi e hayat na ho

आ जाओ मैं लोरी गा के सुना देता हूँ चाँद अपना है उसे छत पे बुला लेता हूँ,

दरिन्दे खून बहने का इंतज़ार करेंगे…

Bazmeshayari_512X512

दरिन्दे खून बहने का इंतज़ार करेंगे भरे पेट वाले अब भूखो पे वार करेंगे, वतन में क़त्ल ए

हर एक रूह में एक ग़म छुपा लगे है मुझे

har ek rooh me ek gam

हर एक रूह में एक ग़म छुपा लगे है मुझे ये ज़िन्दगी तो कोई बद्दुआ लगे है मुझे,

हर शख्स का जीना यहाँ आसान नहीं है…

har shakhs ka jina yahan

हर शख्स का जीना यहाँ आसान नहीं है मुश्किल से मिले वो जो परेशान नहीं है, हर शख्स

हर एक शख़्स परेशान ओ दर बदर सा लगे

har ek shakhs pareshan o dar badar saa lage

हर एक शख़्स परेशान ओ दर बदर सा लगे ये शहर मुझको तो यारो कोई भँवर सा लगे,