जो होने वाला है वो हादसा दिखाई तो दे

kaam is dil ki tabahi se kya liya jaaye

जो होने वाला है वो हादसा दिखाई तो दे कोई चराग जलाओ हवा दिखाई तो दे, तेरी गली

क्या सरोकार अब किसी से मुझे…

क्या सरोकार अब किसी

क्या सरोकार अब किसी से मुझे वास्ता था तो था बस तुझी से मुझे, बेहिसी का भी अब

तर्क ए ग़म गवारा है और न ग़म का यारा है

तर्क ए ग़म गवारा

तर्क ए ग़म गवारा है और न ग़म का यारा है अब तो दिल की हर धड़कन आ’लम

रंगों की आड़ में खुनी खेल, ये इंसानियत क्या जाने ?

rango ki aad me khooni khel

रंगों की आड़ में खुनी खेल, ये इंसानियत क्या जाने ? हरा, भगवा में डूबे हुए केसरिया का

बाद मरने के मेरे किसी केलब पे तो मेरा नाम होगा

baad marne ke mere kisi ke

बाद मरने के मेरे किसी केलब पे तो मेरा नाम होगा मातम होगा कहीं, कहीं शहनाइयों का एहतिमाम

वो जो दिल के क़रीब होते है…

pyas jo umr bhar naa bujhi purani hogi

वो जो दिल के क़रीब होते है लोग वो भी अज़ीब होते है, पढ़ना लिखना जो जानते न

हम वक़्त ए मौत को तो हरगिज़ टाल न पाएँगे

waqt e maut ko hargiz taal naa payenge

हम वक़्त ए मौत को तो हरगिज़ टाल न पाएँगे हम ख़ाली हाथ आए है और ख़ाली हाथ

बात करते है यहाँ क़तरे भी समन्दर की तरह

baat karte hai yahan qatre bhi samndar ki tarah

बात करते है यहाँ क़तरे भी समन्दर की तरह अब लोग ईमान बदलते है कैलेंडर की तरह, कोई

क्यूँ रवा रखते हो मुझसे सर्द मेहरी बे सबब

Bazmeshayari_512X512

क्यूँ रवा रखते हो मुझसे सर्द मेहरी बे सबब बीच में लाना पड़े थाना कचहरी बे सबब, मैंने

दुनियाँ में करने पड़ते है इतने समझौते

दुनियाँ में करने पड़ते

दुनियाँ में करने पड़ते है इतने समझौते कि मौत से पहले कई बार मर जाते है हम, ज़िन्दगी