तेरी ज़ुल्फ़ों के बिखरने का सबब है कोई

teri zulfon ke bikharne ka sabab hai koi

तेरी ज़ुल्फ़ों के बिखरने का सबब है कोई आँख कहती है तेरे दिल में तलब है कोई, आँच

वो इस अदा से जो आए तो क्यूँ भला न लगे

wo is adaa se jo aaye to kyun bhala na lage

वो इस अदा से जो आए तो क्यूँ भला न लगे हज़ार बार मिलो फिर भी आश्ना न

जब रात गए तेरी याद आई सौ तरह से जी को बहलाया

jab raat gaye teri yaad aayi sau tarah se jee ko bahalaya

जब रात गए तेरी याद आई सौ तरह से जी को बहलाया कभी अपने ही दिल से बातें

तेरे ख़याल से लो दे उठी है तन्हाई

tere khyal se lau de uthi hai tanhaai

तेरे ख़याल से लो दे उठी है तन्हाई शब ए फ़िराक़ है या तेरी जल्वा आराई, तू किस

कौन उस राह से गुज़रता है

kaun us raah se guzarta hai

कौन उस राह से गुज़रता है दिल यूँही इंतिज़ार करता है, देख कर भी न देखने वाले दिल

देख मोहब्बत का दस्तूर

dekh mohabbat ka dastoor

देख मोहब्बत का दस्तूर तू मुझ से मैं तुझ से दूर, तन्हा तन्हा फिरते हैं दिल वीराँ आँखें

तुम आ गए हो तो क्यूँ इंतिज़ार ए शाम करें

tum aa gaye ho to kyun intizar e sham karen

तुम आ गए हो तो क्यूँ इंतिज़ार ए शाम करें कहो तो क्यूँ न अभी से कुछ एहतिमाम

शहर सुनसान है किधर जाएँ

shahar sunsan hai kidhar jaayen

शहर सुनसान है किधर जाएँ ख़ाक हो कर कहीं बिखर जाएँ रात कितनी गुज़र गई लेकिन इतनी हिम्मत

गिरफ़्ता दिल हैं बहुत आज तेरे दीवाने

girafta dil hai bahut aaj tere deewane

गिरफ़्ता दिल हैं बहुत आज तेरे दीवाने ख़ुदा करे कोई तेरे सिवा न पहचाने, मिटी मिटी सी उमीदें

तार ए शबनम की तरह सूरत ए ख़स टूटती है

taar e shabnam kee tarah soorat e khas tutati hai

तार ए शबनम की तरह सूरत ए ख़स टूटती है आस बँधने नहीं पाती है कि बस टूटती