तमन्ना दो दिलों की एक ही मालूम होती है
तमन्ना दो दिलों की एक ही मालूम होती है अब उनकी हर ख़ुशी अपनी ख़ुशी मालूम होती है,
तमन्ना दो दिलों की एक ही मालूम होती है अब उनकी हर ख़ुशी अपनी ख़ुशी मालूम होती है,
तर्क ए ग़म गवारा है और न ग़म का यारा है अब तो दिल की हर धड़कन आ’लम
रंगों की आड़ में खुनी खेल, ये इंसानियत क्या जाने ? हरा, भगवा में डूबे हुए केसरिया का
इश्क़ कर के मुक़र गई होगी वो तो लड़की है डर गई होगी, आदतें सब ख़राब कर के
बाद मरने के मेरे किसी केलब पे तो मेरा नाम होगा मातम होगा कहीं, कहीं शहनाइयों का एहतिमाम
आग बहते हुए पानी में लगाने आई तेरे ख़त आज मैं दरिया में बहाने आई, फिर तेरी याद
होना नहीं अब उसने मेहरबान छोड़ दे उसके लिए तू चाहे ये जहान छोड़ दे, कितनी उठाए हमने
یہ اسمِ محمدؐ تو رحمت کا خزانہ ہےاس نورِ مبارک سے روشن یہ زمانہ ہے واللہ محمدؐ سے
पढ़ती रहती हूँ मैं सारी चिट्ठियांरात है और है तुम्हारी चिट्ठियां, आओ तो पढ़ कर सुनाऊँगी तुम्हेंलिख रखी
वो जो दिल के क़रीब होते है लोग वो भी अज़ीब होते है, पढ़ना लिखना जो जानते न