इस तसल्ली से बरसते है आँसू तेरे सामने…

इस तसल्ली से बरसते है आँसू तेरे सामने
कि तेरा हाथ मेरे रुखसार को तो आएगा,

तेरे चाहने वालो की फ़ेहरिस्त लम्बी है मगर
ये उम्मीद है हमारा भी नंबर कभी तो आएगा,

हर बार जुदाई पे, लड़ाई पे बहुत रोता हूँ मैं
अज़ीज़म ये वक़्त ए मुक़ाफात जल्द ही आएगा,

तूने देखा ही नहीं आज तक आँखों में मेरी
फिर इश्क़ तुझे खाक़ मुझ में नज़र आएगा,

बगैर तस्वीरो के, कपड़ो के गुज़ार दी ये ईद भी
दीवाना धीमे से यूँ ही एक दिन विसाल कर जाएगा..!!


Discover more from Bazm e Shayari :: बज़्म ए शायरी -Hindi / Urdu Poetry, Ghazals, Shayari

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply