दिल मोहब्बत में मुब्तला हो जाए

दिल मोहब्बत में मुब्तला हो जाए
जो अभी तक न हो सका हो जाए,

तुझ में ये ऐब है कि ख़ूबी है
जो तुझे देख ले तेरा हो जाए,

ख़ुद को ऐसी जगह छुपाया है
कोई ढूँढे तो लापता हो जाए,

मैं तुझे छोड़ कर चला जाऊँ
साया दीवार से जुदा हो जाए,

बस वो इतना कहे मुझे तुम से
और फिर कॉल मुंक़ता हो जाए,

दिल भी कैसा दरख़्त है हाफ़ी
जो तेरी याद से हरा हो जाए..!!

~तहज़ीब हाफ़ी


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