रक़्स करने का मिला हुक्म जो दरियाओं में

raqs karne ka mila huqm jo dariyaaon me

रक़्स करने का मिला हुक्म जो दरियाओं में हम ने ख़ुश हो के भँवर बाँध लिए पाँव में,

खुला है झूठ का बाज़ार आओ सच बोलें

khula hai jhooth ka bazaar aao sach bole

खुला है झूठ का बाज़ार आओ सच बोलें न हो बला से ख़रीदार आओ सच बोलें, सुकूत छाया

वो शख़्स कि मैं जिस से मोहब्बत नहीं करता

wo shakhs ki main jis se mohabbat nahi karta

वो शख़्स कि मैं जिस से मोहब्बत नहीं करता हँसता है मुझे देख के नफ़रत नहीं करता, पकड़ा

ये किस ने कहा तुम कूच करो

ये किस ने कहा

ये किस ने कहा तुम कूच करो बातें न बनाओ इंशा जी ये शहर तुम्हारा अपना है इसे

यारो किसी क़ातिल से कभी प्यार न माँगो

यारो किसी क़ातिल से

यारो किसी क़ातिल से कभी प्यार न माँगो अपने ही गले के लिए तलवार न माँगो, गिर जाओगे

वो शख़्स कि मैं जिस से मोहब्बत नहीं…

wo shakhs ki main jis se mohabbat nahi karta

वो शख़्स कि मैं जिस से मोहब्बत नहीं करता हँसता है मुझे देख के नफ़रत नहीं करता, पकड़ा

वो दिल ही क्या तेरे मिलने की जो…

wo dil hi kya tere milne ki jo duaa na kare

वो दिल ही क्या तेरे मिलने की जो दुआ न करे मैं तुझ को भूल के ज़िंदा रहूँ

उसे मना कर ग़ुरूर उस का बढ़ा न देना

use mana kar gurur us ka badha na dena

उसे मना कर ग़ुरूर उस का बढ़ा न देना वो सामने आए भी तो उस को सदा न

सारी बस्ती में ये जादू नज़र आए मुझको

saari basti me jaadoo nazar aaye mujhko

सारी बस्ती में ये जादू नज़र आए मुझको जो दरीचा भी खुले तू नज़र आए मुझको, सदियों का

किया इश्क था जो बाइसे रुसवाई बन गया

kiya ishq tha jo baaise ruswai ban gaya

किया इश्क था जो बाइसे रुसवाई बन गया यारो तमाम शहर तमाशाई बन गया, बिन माँगे मिल गए