तेरे जहाँ से अलग एक जहान चाहता हूँ

तेरे जहाँ से अलग

तेरे जहाँ से अलग एक जहान चाहता हूँ नई ज़मीन नया आसमान चाहता हूँ, बदन की क़ैद से

परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है

paron ko khol zamaana udaan dekhta hai

परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है, मिला है हुस्न

कश्ती हवस हवाओं के रुख़ पर उतार दे

kashti hawas hawaaon ke rukh

कश्ती हवस हवाओं के रुख़ पर उतार दे खोए हुओं से मिल ये दलद्दर उतार दे, बे सम्त

ये है तो सब के लिए हो ये ज़िद्द हमारी है

ye hai to sab ke liye ho ye zidd hamari hai

ये है तो सब के लिए हो ये ज़िद्द हमारी है इस एक बात पे दुनिया से जंग

सितमगरों के सितम की उड़ान कुछ…

sitamgaro ke sitam ki udaan kuch kam hai

सितमगरों के सितम की उड़ान कुछ कम है अभी ज़मीं के लिए आसमान कुछ कम है, जो इस

उड़ते हैं गिरते हैं फिर से उड़ते हैं

udte hai girte hai fir se udte hai

उड़ते हैं गिरते हैं फिर से उड़ते हैं उड़ने वाले उड़ते उड़ते उड़ते हैं, कोई उस बूढे पीपल