मैंने ऐ दिल तुझे सीने से लगाया हुआ है

maine ae dil tujhe sine se lagaya hua hai

मैंने ऐ दिल तुझे सीने से लगाया हुआ है और तू है कि मेरी जान को आया हुआ

शाम अपनी बेमज़ा जाती है रोज़…

shaam apni be maza jaati hai roz

शाम अपनी बेमज़ा जाती है रोज़ और सितम ये है कि आ जाती है रोज़, कोई दिन आसाँ

सुनी है चाप बहुत वक़्त के गुज़रने की

suni hai chaap bahut waqt ke guzarne ki

सुनी है चाप बहुत वक़्त के गुज़रने की मगर ये ज़ख़्म कि हसरत है जिसके भरने की, हमारे