ला पिला दे साक़िया पैमाना पैमाने के बा’द
बात मतलब की करूँगा होश आ जाने के बा’द,
जो जलाता है किसी को ख़ुद भी जलता है ज़रूर
शम्अ’ भी जलती रही परवाना जल जाने के बा’द,
दिल मेरा लेने की ख़ातिर मिन्नतें क्या क्या न कीं
कैसे नज़रें फेर लीं मतलब निकल जाने के बा’द,
उठ चलो बस ए ज़फ़र इस महफ़िल ए अग़्यार से
वर्ना पीनी ही पड़ेगी दौर चल जाने के बा’द..!!
~अज्ञात
हक़ीक़त का अगर अफ़्साना बन जाए तो क्या कीजे
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