दिल में जो था वो हो गया मुझ को सुना के चुप

dil me jo tha

दिल में जो था वो हो गया मुझ को सुना के चुप सुन कर हुआ हूँ उस को

ये मेरा दिल कहाँ है अब तुम्हारी राजधानी है

ye mera dil kahan

ये मेरा दिल कहाँ है अब तुम्हारी राजधानी है मेंरे दिल पर तुम्हारे दर्द ओ ग़म की हुक्मरानी

ये इश्क़ के सताए करेंगे लड़ाई ख़ाक

ye ishq ke sataye

ये इश्क़ के सताए करेंगे लड़ाई ख़ाक घर फूँक के किया है तमाशा उड़ाई ख़ाक, हम से जो

तू क्या जाने रूह भी ज़ख़्मी होती है

tu kya jaane rooh

तू क्या जाने रूह भी ज़ख़्मी होती है जब लफ़्ज़ों से दहशत गर्दी होती है, आ जाता है

जो भी मिले क़ुबूल है दें हाँ या न जवाब

jo bhi mile qubul

जो भी मिले क़ुबूल है दें हाँ या न जवाब देखें मेंरे सवाल का देंगे वो क्या जवाब,

आँखों से मेरे ख़्वाब चुराती रही है रात

aankhon se mere khwab

आँखों से मेरे ख़्वाब चुराती रही है रात ख़ुद भी जगी है मुझको जगाती रही है रात, आँखें

दिल भी जलाया उस ने जो मेरा जलाया ख़त

dil bhi jalaya us

दिल भी जलाया उस ने जो मेरा जलाया ख़त अफ़सोस मैं ने जा के उसी को पढ़ाया ख़त,

सच कहने से यार ख़फ़ा हो जाते हैं

sach kahne se yaar

सच कहने से यार ख़फ़ा हो जाते हैं दिल के सब अरमान हवा हो जाते हैं, हद से

तुम को वफ़ा से क्या मतलब है जाओ अपना काम करो

tum ko wafa se

तुम को वफ़ा से क्या मतलब है जाओ अपना काम करो दिन भर भटके आवारा से अब जा

मेरी जैसी उस की हालत कब होगी

meri jaisi us ki

मेरी जैसी उस की हालत कब होगी उस को जाने मुझ से मोहब्बत कब होगी उस के लिए