कुछ तो हवा भी सर्द थी कुछ था तेरा ख़याल भी

kuchh to hawa bhi

कुछ तो हवा भी सर्द थी कुछ था तेरा ख़याल भी दिल को ख़ुशी के साथ साथ होता

जब से तू ने मुझे दीवाना बना रखा है

jab se tu ne

जब से तू ने मुझे दीवाना बना रखा है संग हर शख़्स ने हाथों में उठा रखा है,

घुटन भी देख रही है मुझे हैरानी से

ghutan bhi dekh rahi

घुटन भी देख रही है मुझे हैरानी से कहीं मैं ऊब ही जाऊँ न उस जवानी से, सज़ा

इसी लिए तो नहीं कटती रात आदमी की

isi liye to nahin

इसी लिए तो नहीं कटती रात आदमी की ख़ुदा की ज़ात से मुश्किल है ज़ात आदमी की, नए

राहज़न आदमी रहनुमा आदमी

raahjan aadmi rahnuma aadmi

राहज़न आदमी रहनुमा आदमी बार हा बन चुका है ख़ुदा आदमी, हाए तख़्लीक़ की कार पर्दाज़ियाँ ख़ाक सी

अपनों को नहीं समझा अपना बेगाना समझ कर छोड़ दिया

apno ko nahin samjha

अपनों को नहीं समझा अपना बेगाना समझ कर छोड़ दिया अफ़्सोस हक़ीक़त को तुम ने अफ़्साना समझ के

आरज़ू ,हसरत, तमन्ना, मुद्दआ कोई नहीं

aarzoo hasrat tamanna muddaa

आरज़ू ,हसरत, तमन्ना, मुद्दआ कोई नहीं जब से तुम हो मेरे दिल में दूसरा कोई नहीं, बेवफ़ाई का

मेरे दर्द की तुझे क्या ख़बर है जिसे ख़बर कोई और है

mere dard ki tujhe

मेरे दर्द की तुझे क्या ख़बर है जिसे ख़बर कोई और है तू इलाज रहने दे चारागर मेरा

रखते हैं दुश्मनी भी जताते हैं प्यार भी

rakhte hain dushmani bhi

रखते हैं दुश्मनी भी जताते हैं प्यार भी हैं कैसे ग़म गुसार मेरे ग़म गुसार भी, अफ़्सुर्दगी भी

जान जब तक फ़िदा नहीं होती

jaan jab tak fida

जान जब तक फ़िदा नहीं होती पूरी रस्म ए वफ़ा नहीं होती, शीशा टूटे तो होती है आवाज़