जिस तरफ़ चाहूँ पहुँच जाऊँ मसाफ़त कैसी

jis taraf chahoon pahunch jaaoon masafat kaisi

जिस तरफ़ चाहूँ पहुँच जाऊँ मसाफ़त कैसी मैं तो आवाज़ हूँ आवाज़ की हिजरत कैसी ? सुनने वालों

यकुम जनवरी है नया साल है

yakum janvari hai naya saal hai

यकुम जनवरी है नया साल है दिसम्बर में पूछूँगा क्या हाल है ? बचाए ख़ुदा शर की ज़द

मैं उससे जुदा वो मुझसे जुदा

main usse juda wo mujh se juda

मैं उससे जुदा वो मुझसे जुदा ये दोनों बातें एक सी हैं, आकाश में चाँद भी तारे भी

वल्लाह किस जुनूँ के सताए हुए हैं लोग

vallah kis junoon ke sataye hue hai log

वल्लाह किस जुनूँ के सताए हुए हैं लोग हमसाए के लहू में नहाए हुए हैं लोग, ये तिश्नगी

सहर ने मसर्रत का नग़्मा सुनाया

sahar ne masarrat ka nagma sunaya

सहर ने मसर्रत का नग़्मा सुनाया फ़ज़ा ने गुलिस्ताँ का दामन सजाया, हवाओं ने अख़्लाक़ का गीत गाया

गुफ़्तुगू जो होती है साल ए नौ से अम्बर की

guftagoo jo hoti hai saal e nau se ambar kee

गुफ़्तुगू जो होती है साल ए नौ से अम्बर की गर्म होने लगती हैं सर्दियाँ दिसम्बर की, जाने

मुबारक मुबारक नया साल सब को

mubarak mubarak naya saal sab ko

मुबारक मुबारक नया साल सब को न चाहा था हम ने तू हम से जुदा हो, मगर किस

एक बरस और कट गया शारिक़

ek baras aur kat gaya shariq

एक बरस और कट गया शारिक़ रोज़ साँसों की जंग लड़ते हुए, सब को अपने ख़िलाफ़ करते हुए

नहीं काम रखना कोई दिल लगी से यकुम जनवरी से

nahi kaam rakhna koi dil lagi se yakum janwari se

नहीं काम रखना कोई दिल लगी से यकुम जनवरी से गुज़रना नहीं अब तुम्हारी गली से यकुम जनवरी

पिछले बरस तुम साथ थे मेरे और दिसम्बर था

pichhle baras tum saath the mere aur december tha

पिछले बरस तुम साथ थे मेरे और दिसम्बर था महके हुए दिन रात थे मेरे और दिसम्बर था,