तलाश कर न ज़मीं आसमान से बाहर

talash kar na zamin aasmaan se bahar nahi hai

तलाश कर न ज़मीं आसमान से बाहर नहीं है राह कोई इस मकान से बाहर, बस एक दो

दुआ सलाम में लिपटी ज़रूरतें माँगे

duaa salam me lipti zaruraten maange

दुआ सलाम में लिपटी ज़रूरतें माँगे क़दम क़दम पे ये बस्ती तिजारतें माँगे, कहाँ हर एक को आती

हुए सब के जहाँ में एक जब अपना जहाँ और हम

hue sab ke jahan me ek jab apana jahan

हुए सब के जहाँ में एक जब अपना जहाँ और हम मुसलसल लड़ते रहते हैं ज़मीन ओ आसमाँ

नशा नशे के लिए है अज़ाब में शामिल

nasha nashe ke liye hai

नशा नशे के लिए है अज़ाब में शामिल किसी की याद को कीजे शराब में शामिल, हर एक

तन्हा हुए ख़राब हुए आइना हुए

tanha hue kharab hue

तन्हा हुए ख़राब हुए आइना हुए चाहा था आदमी बनें लेकिन ख़ुदा हुए, जब तक जिए बिखरते रहे

कोई नहीं है आने वाला फिर भी कोई आने को है

koi nahin hai aane wala

कोई नहीं है आने वाला फिर भी कोई आने को है आते जाते रात और दिन में कुछ

किसी भी शहर में जाओ कहीं क़याम करो

kisi bhi shahar me jaao

किसी भी शहर में जाओ कहीं क़याम करो कोई फ़ज़ा कोई मंज़र किसी के नाम करो, दुआ सलाम

कोई किसी की तरफ़ है कोई किसी की तरफ़

koi kisi ki taraf hai koi

कोई किसी की तरफ़ है कोई किसी की तरफ़ कहाँ है शहर में अब कोई ज़िंदगी की तरफ़,

चाहतें मौसमी परिंदे हैं रुत बदलते ही लौट जाते हैं

chahte mausami parinde hai

चाहतें मौसमी परिंदे हैं रुत बदलते ही लौट जाते हैं घोंसले बन के टूट जाते हैं दाग़ शाख़ों

दुख में नीर बहा देते थे सुख में हँसने लगते थे

dukh me neer baha dete the

दुख में नीर बहा देते थे सुख में हँसने लगते थे सीधे सादे लोग थे लेकिन कितने अच्छे