ऐ इश्क़ ये सब दुनिया वाले बेकार की बातें करते हैं

ae ishq ye sab duniya wale bekaar ki baaten karte hain

ऐ इश्क़ ये सब दुनिया वाले बेकार की बातें करते हैं पायल के ग़मों का इल्म नहीं झंकार

आख़िरी वक़्त है आख़िरी साँस है

aakhiri waqt hai aakhiri saans hai

आख़िरी वक़्त है आख़िरी साँस है ज़िंदगी की है शाम आख़िरी आख़िरी संगदिल आ भी जा अब ख़ुदा

आज फिर गर्दिश ए तक़दीर पे रोना आया

aaj fir gardish e takdeer pe rona aaya

आज फिर गर्दिश ए तक़दीर पे रोना आया दिल की बिगड़ी हुई तस्वीर पे रोना आया, इश्क़ की

ग़म ए आशिक़ी से कह दो रह ए आम तक न पहुँचे

gam e ashiqui se kah do rah e aam tak na pahunche

ग़म ए आशिक़ी से कह दो रह ए आम तक न पहुँचे मुझे ख़ौफ़ है ये तोहमत तेरे

ऐ मोहब्बत तेरे अंजाम पे रोना आया

ae mohabbat tere anjaam pe rona aaya

ऐ मोहब्बत तेरे अंजाम पे रोना आया जाने क्यूँ आज तेरे नाम पे रोना आया ? यूँ तो

मेरे हमनफ़स मेरे हमनवा मुझे दोस्त बन के दग़ा न दे

mere humnafas mere humnawa mujhe dost ban ke daga na de

मेरे हमनफ़स मेरे हमनवा मुझे दोस्त बन के दग़ा न दे मैं हूँ दर्द ए इश्क़ से जाँ

गुलों में रंग भरे बाद ए नौ बहार चले

gulon me rang bhare baad e nau bahar chale

गुलों में रंग भरे बाद ए नौ बहार चले चले भी आओ कि गुलशन का कारोबार चले, क़फ़स

दिल ए नादाँ तुझे हुआ क्या है

dil e naadaan tujhe hua kya hai

दिल ए नादाँ तुझे हुआ क्या है आख़िर इस दर्द की दवा क्या है ? हम हैं मुश्ताक़

सुना है लोग उसे आँख भर के देखते हैं

suna hai log use aankh bhar ke dekhte hain

सुना है लोग उसे आँख भर के देखते हैं सो उस के शहर में कुछ दिन ठहर के

कोई समझेगा क्या राज़ ए गुलशन

koi samjhega kya raaj e gulshan

कोई समझेगा क्या राज़ ए गुलशन जब तक उलझे न काँटों से दामन, यक ब यक सामने आ