सब के होते हुए लगता है कि घर ख़ाली है

sab ke hote hue lagta hai ki ghar khaali hai

सब के होते हुए लगता है कि घर ख़ाली है ये तकल्लुफ़ है कि जज़्बात की पामाली है,

अगर हमारे ही दिल में ठिकाना चाहिए था

agar humare hi dil me thikaana chahiye tha

अगर हमारे ही दिल में ठिकाना चाहिए था तो फिर तुझे ज़रा पहले बताना चाहिए था, चलो हमी

अल्फ़ाज़ नर्म हो गए लहजे बदल गए

alfaaz narm ho gaye lahze badal gaye

अल्फ़ाज़ नर्म हो गए लहजे बदल गए लगता है ज़ालिमों के इरादे बदल गए, ये फ़ाएदा ज़रूर हुआ

वफ़ादारों पे आफ़त आ रही है

wafadaaron pe aafat aa rahi hai

वफ़ादारों पे आफ़त आ रही है मियाँ ले लो जो क़ीमत आ रही है, मैं उस से इतने

जुनूँ से गुज़रने को जी चाहता है

junoon se guzarne ko jee chahta hai

जुनूँ से गुज़रने को जी चाहता है हँसी ज़ब्त करने को जी चाहता है, जहाँ इश्क़ में डूब

आँख से आँख मिलाता है कोई

aankh se aankh milaata hai koi

आँख से आँख मिलाता है कोई दिल को खींचे लिए जाता है कोई, वाए हैरत कि भरी महफ़िल

न मिलता ग़म तो बर्बादी के अफ़्साने कहाँ जाते

na milta gam to barbadi ke afsaane kahan jaate

न मिलता ग़म तो बर्बादी के अफ़्साने कहाँ जाते अगर दुनिया चमन होती तो वीराने कहाँ जाते ?

ये दुनिया है यहाँ दिल को लगाना किस को आता है

ye duniya hai yahan dil ko lagaana kis ko aata hai

ये दुनिया है यहाँ दिल को लगाना किस को आता है हज़ारों प्यार करते हैं निभाना किस को

बदले बदले मेरे ग़म ख़्वार नज़र आते हैं

badle badle mere gam khwaar nazar aate hain

बदले बदले मेरे ग़म ख़्वार नज़र आते हैं मरहले इश्क़ के दुश्वार नज़र आते हैं, कश्ती ए ग़ैरत

कैसे कह दूँ की मुलाक़ात नहीं होती है

kaise kah doon ki mulaqaat nahi hoti

कैसे कह दूँ की मुलाक़ात नहीं होती है रोज़ मिलते हैं मगर बात नहीं होती है, आप लिल्लाह