मुझे सहल हो गईं मंज़िलें वो हवा के रुख़ भी बदल गए

mujhe sahal ho gayi manzilen wo hawa ke rukh bhi badal gaye

मुझे सहल हो गईं मंज़िलें वो हवा के रुख़ भी बदल गए तेरा हाथ हाथ में आ गया

आह ए जाँ सोज़ की महरूमी ए तासीर न देख

aah e jaan soz kee mahrumi e taasir na dekh

आह ए जाँ सोज़ की महरूमी ए तासीर न देख हो ही जाएगी कोई जीने की तदबीर न

ऐ दिल मुझे ऐसी जगह ले चल जहाँ कोई न हो

ae dil mujhe aisi jagah le chal jahan koi na ho

ऐ दिल मुझे ऐसी जगह ले चल जहाँ कोई न हो अपना पराया मेहरबाँ ना मेहरबाँ कोई न

तुझे क्या सुनाऊँ मैं दिलरुबा

tujhe kya sunaaoon main dilruba

तुझे क्या सुनाऊँ मैं दिलरुबा तेरे सामने मेरा हाल है, तेरी एक निगाह की बात है मेरी ज़िंदगी

जला के मिशअल ए जाँ हम जुनूँ सिफ़ात चले

jala ke mishaal e jaan hum junoon sifaat chale

जला के मिशअल ए जाँ हम जुनूँ सिफ़ात चले जो घर को आग लगाए हमारे साथ चले, दयार

हम को जुनूँ क्या सिखलाते हो

hum ko junoon kya sikhlaate ho

हम को जुनूँ क्या सिखलाते हो हम थे परेशाँ तुम से ज़्यादा, चाक किए हैं हम ने अज़ीज़ो

जब हुआ इरफ़ाँ तो ग़म आराम ए जाँ बनता गया

jab hua irfaan to gam aaraam e jaan banta gaya

जब हुआ इरफ़ाँ तो ग़म आराम ए जाँ बनता गया सोज़ ए जानाँ दिल में सोज़ ए दीगराँ

यूँ तो आपस में बिगड़ते हैं ख़फ़ा होते हैं

yun to aapas me bigadte hain khafa hote hain

यूँ तो आपस में बिगड़ते हैं ख़फ़ा होते हैं मिलने वाले कहीं उल्फ़त में जुदा होते हैं, हैं

हम हैं मता ए कूचा ओ बाज़ार की तरह

hum hain mataa e kucha o baazar kee tarah

हम हैं मता ए कूचा ओ बाज़ार की तरह उठती है हर निगाह ख़रीदार की तरह, इस कू

कोई हमदम न रहा कोई सहारा न रहा

koi humdam na raha koi sahara na raha

कोई हमदम न रहा कोई सहारा न रहा हम किसी के न रहे कोई हमारा न रहा, शाम