अच्छा है उन से कोई तक़ाज़ा किया न जाए

achcha hai un se

अच्छा है उन से कोई तक़ाज़ा किया न जाए अपनी नज़र में आप को रुस्वा किया न जाए,

आहट सी कोई आए तो लगता है कि तुम हो

aahat see koi aaye

आहट सी कोई आए तो लगता है कि तुम हो साया कोई लहराए तो लगता है कि तुम

अशआर मेरे यूँ तो ज़माने के लिए हैं

ashaar mere yun to

अशआर मेरे यूँ तो ज़माने के लिए हैं कुछ शेर फ़क़त उनको सुनाने के लिए हैं, अब ये

लोग कहते हैं कि तू अब भी ख़फ़ा है मुझ से

log kahte hai ki

लोग कहते हैं कि तू अब भी ख़फ़ा है मुझ से तेरी आँखों ने तो कुछ और कहा

सौ चाँद भी चमकेंगे तो क्या बात बनेगी

sau chaand bhi chamkenge

सौ चाँद भी चमकेंगे तो क्या बात बनेगी तुम आए तो इस रात की औक़ात बनेगी, उनसे यही

ख़ुद से इतनी भी अदावत तो नहीं कर सकता

khud se itni bhi

ख़ुद से इतनी भी अदावत तो नहीं कर सकता अब कोई मुझ से मोहब्बत तो नहीं कर सकता,

मायूसी की कैफ़िय्यत जब दिल पर तारी हो जाती है

mayusi ki kaifiyat jab

मायूसी की कैफ़िय्यत जब दिल पर तारी हो जाती है रफ़्ता रफ़्ता दीन ओ दुनिया से बे ज़ारी

हम पर करेगा रहमतें परवर दिगार भी

hum par karega rahmaten

हम पर करेगा रहमतें परवर दिगार भी हालात अपने होंगे कभी साज़गार भी, तू ने भुला दी चाहतें

उदास रात है कोई तो ख़्वाब दे जाओ

udaas raat hai koi

उदास रात है कोई तो ख़्वाब दे जाओ मेंरे गिलास में थोड़ी शराब दे जाओ, बहुत से और

मेरी आँखों में तेरे प्यार का आँसू आए

mere aankh me tere

मेरी आँखों में तेरे प्यार का आँसू आए कोई ख़ुशबू मैं लगाऊँ तेरी ख़ुशबू आए, वक़्त ए रुख़्सत