ख़त के छोटे से तराशे में नहीं आएँगे

khat ke chhote se tarashe me nahi

ख़त के छोटे से तराशे में नहीं आएँगे ग़म ज़ियादा हैं लिफ़ाफ़े में नहीं आएँगे, हम न मजनूँ

तुम्हारा हिज्र मनाया तो मैं अकेला था

tumhara hizr manaya to main

तुम्हारा हिज्र मनाया तो मैं अकेला था जुनूँ ने हश्र उठाया तो मैं अकेला था, ये मेरी अपनी

कह गया हूँ जो मैं रवानी में

kah gaya hoon jo main

कह गया हूँ जो मैं रवानी में वो तो शामिल न था कहानी में, कोई लग़्ज़िश गुनाह तौबा

किसी और ग़म में इतनी ख़लिश ए निहाँ नहीं है

kisi aur gam me itni khalish e nihan

किसी और ग़म में इतनी ख़लिश ए निहाँ नहीं है ग़म ए दिल मेरे रफ़ीक़ो ग़म ए राएगाँ

आँधी चली तो नक़्श ए कफ़ ए पा नहीं मिला

aandhi chali to naksh e qaf e paa

आँधी चली तो नक़्श ए कफ़ ए पा नहीं मिला दिल जिस से मिल गया वो दोबारा नहीं

गली गली यूँ मोहब्बत के ख़्वाब बेचूँगा

gali gali yun mohabbat ke khwab

गली गली यूँ मोहब्बत के ख़्वाब बेचूँगा मैं रख के रेढ़ी पे ताज़ा गुलाब बेचूँगा, रही जो ज़िन्दगी

नशा नशे के लिए है अज़ाब में शामिल

nasha nashe ke liye hai

नशा नशे के लिए है अज़ाब में शामिल किसी की याद को कीजे शराब में शामिल, हर एक

तन्हा हुए ख़राब हुए आइना हुए

tanha hue kharab hue

तन्हा हुए ख़राब हुए आइना हुए चाहा था आदमी बनें लेकिन ख़ुदा हुए, जब तक जिए बिखरते रहे

कोई किसी की तरफ़ है कोई किसी की तरफ़

koi kisi ki taraf hai koi

कोई किसी की तरफ़ है कोई किसी की तरफ़ कहाँ है शहर में अब कोई ज़िंदगी की तरफ़,

दुख में नीर बहा देते थे सुख में हँसने लगते थे

dukh me neer baha dete the

दुख में नीर बहा देते थे सुख में हँसने लगते थे सीधे सादे लोग थे लेकिन कितने अच्छे