भूख़ चेहरों पे लिए चाँद से प्यारे बच्चे

bhookh chehre pe liye chaand se

भूख़ चेहरों पे लिए चाँद से प्यारे बच्चे बेचते फिरते हैं गलियों में ग़ुबारे बच्चे, इन हवाओं से

बैठे हैं चैन से कहीं जाना तो है नहीं

baithen hai chain se

बैठे हैं चैन से कहीं जाना तो है नहीं हम बे घरों का कोई ठिकाना तो है नहीं,

कश्ती हवस हवाओं के रुख़ पर उतार दे

kashti hawas hawaaon ke rukh

कश्ती हवस हवाओं के रुख़ पर उतार दे खोए हुओं से मिल ये दलद्दर उतार दे, बे सम्त

पहले जो ख़ुद माँ के आंचल में छुप…

pahle jo khud maan ke aanchal men

पहले जो ख़ुद माँ के आंचल में छुप जाया करती थी आज वो ख़ुद किसी को आंचल में

एक मुसलसल से इम्तेहान में हूँ

ek musalsal se imtehan me hoon

एक मुसलसल से इम्तेहान में हूँ जब से रब मैं तेरे जहाँ में हूँ, सिर्फ़ इतना सा है

जिधर जाते हैं सब जाना उधर अच्छा..

jidhar jaate hai sab jana udhar

जिधर जाते हैं सब जाना उधर अच्छा नहीं लगता मुझे पामाल रस्तों का सफ़र अच्छा नहीं लगता, ग़लत

कहते हो तुम्हें हस्ब ए तमन्ना नहीं मिलता

kahte ho tumhe hasb e tamanna

कहते हो तुम्हें हस्ब ए तमन्ना नहीं मिलता कम दाम लगाने से तो सौदा नहीं मिलता, वो धूप

दुनियाँ ए अक़ीदत में अजब रस्म चली है

duniya e akidat me azab rasm

दुनियाँ ए अक़ीदत में अजब रस्म चली है जो दश्त में मजनूँ था वो मरकज़ मे वली है,

बे नियाज़ी के सिलसिले में हूँ

be niyazi ke silsile me

बे नियाज़ी के सिलसिले में हूँ मैं कहाँ अब तेरे नशे में हूँ, हिज्र तेरा मुझे सताता है

तेरी आँखों ने आँखों का सिसकना भी नहीं देखा

teri aankhon ne aankhon ka

तेरी आँखों ने आँखों का सिसकना भी नहीं देखा मुहब्बत भी नहीं देखी, तड़पना भी नहीं देखा, नहीं