ख़्वाबों की तरह गोया बिखर जाएँगे हम भी

khwabon ki tarah goya

ख़्वाबों की तरह गोया बिखर जाएँगे हम भी चुप चाप किसी रोज़ गुज़र जाएँगे हम भी, हम जैसे

साया ए ज़ुल्फ़ नहीं शोला ए रुख़्सार नहीं

saya e zulf nahin

साया ए ज़ुल्फ़ नहीं शोला ए रुख़्सार नहीं क्या तेरे शहर में सरमाया ए दीदार नहीं, वक़्त पड़

हम अहल ए आरज़ू पे अजब वक़्त आ पड़ा

ham ahal e aarzoo

हम अहल ए आरज़ू पे अजब वक़्त आ पड़ा हर हर क़दम पे खेल नया खेलना पड़ा, अपना

फ़िक्र का सब्ज़ा मिला जज़्बात की काई मिली

fiqr e sabza mila

फ़िक्र का सब्ज़ा मिला जज़्बात की काई मिली ज़ेहन के तालाब पर क्या नक़्श आराई मिली, मुतमइन होता

वक़्त बे वक़्त ये पोशाक मेंरी ताक में है

waqt be waqt ye

वक़्त बे वक़्त ये पोशाक मेंरी ताक में है जानता हूँ कि मेंरी ख़ाक मेंरी ताक में है,

घर से निकले तो हो सोचा भी किधर जाओगे

ghar se nikalte to

घर से निकले तो हो सोचा भी किधर जाओगे हर तरफ़ तेज़ हवाएँ हैं बिखर जाओगे, इतना आसाँ

जो गुल है याँ सो उस गुल-ए-रुख़्सार साथ है

jo gul hai yaan

जो गुल है याँ सो उस गुल-ए-रुख़्सार साथ है क्या गुल है वो कि जिस के ये गुलज़ार

सब ने मिलाए हाथ यहाँ तीरगी के साथ

sab ne milaye haath

सब ने मिलाए हाथ यहाँ तीरगी के साथ कितना बड़ा मज़ाक़ हुआ रौशनी के साथ, शर्तें लगाई जाती

लहू न हो तो क़लम तर्जुमाँ नहीं होता

lahoo na ho to

लहू न हो तो क़लम तर्जुमाँ नहीं होता हमारे दौर में आँसू ज़बाँ नहीं होता, जहाँ रहेगा वहीं

मैं आसमाँ पे बहुत देर रह नहीं सकता

main aasmaan pe bahut

मैं आसमाँ पे बहुत देर रह नहीं सकता मगर ये बात ज़मीं से तो कह नहीं सकता, किसी