दुनिया ए तसव्वुर हम आबाद नहीं करते

duniya e tasavvur hum aabaad nahin karte

दुनिया ए तसव्वुर हम आबाद नहीं करते याद आते हो तुम ख़ुद ही हम याद नहीं करते, वो

ये बहार का ज़माना ये हसीं गुलों के साए

ye bahaar ka zamana ye hasin gulon ke saaye

ये बहार का ज़माना ये हसीं गुलों के साए मुझे डर है बाग़ बाँ को कहीं नींद आ

ग़म से कहीं नजात मिले चैन पाएँ हम

gam se kahin nazaat mile chain paayen hum

ग़म से कहीं नजात मिले चैन पाएँ हम दिल ख़ून में नहाए तो गंगा नहाएँ हम, जन्नत में

इरादा है किसी जंगल में जा रहूँगा मैं

iraada hai kisi jungle me jaa rahunga

इरादा है किसी जंगल में जा रहूँगा मैं तुम्हारा नाम हर एक पेड़ पर लिखूँगा मैं, हर एक

शगुन ले कर न क्यूँ घर से चला मैं

shagun le kar na kyun ghar se chala main

शगुन ले कर न क्यूँ घर से चला मैं तुम्हारे शहर में तन्हा फिरा मैं, अकेला था किसे

वो मेरे साथ आने पे तैयार हो गया

wo mere saath aane pe taiyar ho gaya

वो मेरे साथ आने पे तैयार हो गया सोते से हड़बड़ा के मैं बेदार हो गया, उस के

गिरह में रिश्वत का माल रखिए

girah me rishwat ka maal rakhiye

गिरह में रिश्वत का माल रखिए ज़रूरतों को बहाल रखिए, बिछाए रखिए अँधेरा हर सू सितारा कोई उछाल

थोड़ी सर्दी ज़रा सा नज़ला है

thodi sardi zara saa nazla hai

थोड़ी सर्दी ज़रा सा नज़ला है शायरी का मिज़ाज पतला है, सुनने वालों का कुछ क़ुसूर नहीं नया

दुख का एहसास न मारा जाए

dukh ka ehsas na maara jaaye

दुख का एहसास न मारा जाए आज जी खोल के हारा जाए, इन मकानों में कोई भूत भी

सुखाने बाल ही कोठे पे आ गए होते

sukhaane baal hi kothe pe aa gaye hote

सुखाने बाल ही कोठे पे आ गए होते इसी बहाने ज़रा मुँह दिखा गए होते, तुम्हें भी वक़्त