मेरे जुनूँ का नतीजा ज़रूर निकलेगा

mere junoon ka naeeja zarur nikalega

मेरे जुनूँ का नतीजा ज़रूर निकलेगा इसी सियाह समुंदर से नूर निकलेगा, गिरा दिया है तो साहिल पे

न सियो होंठ न ख़्वाबों में सदा दो हम को

na siyo honth na khwabon me sada do hum ko

न सियो होंठ न ख़्वाबों में सदा दो हम को मस्लहत का ये तक़ाज़ा है भुला दो हम

यूँ न मिल मुझ से ख़फ़ा हो जैसे

yun na mil muj se khafa ho jaise

यूँ न मिल मुझ से ख़फ़ा हो जैसे साथ चल मौज ए सबा हो जैसे, लोग यूँ देख

पुर्सिश ए ग़म का शुक्रिया क्या तुझे आगही नहीं

pursish e gam ka shukriya kya tujhe aagahi nahin

पुर्सिश ए ग़म का शुक्रिया क्या तुझे आगही नहीं तेरे बग़ैर ज़िंदगी दर्द है ज़िंदगी नहीं, देख के

ये तो नहीं कि तुम से मोहब्बत नहीं मुझे

ye to nahi ki tum se mohabbat nahi mujhe

ये तो नहीं कि तुम से मोहब्बत नहीं मुझे इतना ज़रूर है कि शिकायत नहीं मुझे, मैं हूँ

मेरी अना का असासा ज़रूर ख़ाक हुआ

meri anaa ka asasa zarur khaaq hua

मेरी अना का असासा ज़रूर ख़ाक हुआ मगर ख़ुशी है कि तेरे हुज़ूर ख़ाक हुआ, मुझे बदन के

बरहना शाख़ों पे कब फ़ाख़ताएँ आती हैं

barhana shaakho pe kab faakhtaayen aati hain

बरहना शाख़ों पे कब फ़ाख़ताएँ आती हैं मैं वो शजर हूँ कि जिस में बलाएँ आती हैं, ये

फ़ज़ा में छाए हुए हैं उदास सन्नाटे

faza me chhaaye hue hai udaas sannate

फ़ज़ा में छाए हुए हैं उदास सन्नाटे हों जैसे ज़ुल्मत ए शब का लिबास सन्नाटे, तेरे ख़याल की

जो तेरे देखने से निकले हैं

jo tere dekhne se nikale hai

जो तेरे देखने से निकले हैं वो भी दिन क्या मज़े से निकले हैं, वो कहाँ नज़्र जाँ

जो दे रूह को सुकून वो है मेरे लिए तेरा प्यार

jo de rooh ko sukun wo hai mere liye tera pyar

जो दे रूह को सुकून वो है मेरे लिए तेरा प्यार मेरे ज़ेहन ओ दिल का नूर है