ला पिला दे साक़िया पैमाना पैमाने के बा’द

laa pila de saaqiya paimana paimane ke baad

ला पिला दे साक़िया पैमाना पैमाने के बा’द बात मतलब की करूँगा होश आ जाने के बा’द, जो

हक़ीक़त का अगर अफ़्साना बन जाए तो क्या कीजे

haqiqat ka agar afsana ban jaaye to kya kijiye

हक़ीक़त का अगर अफ़्साना बन जाए तो क्या कीजे गले मिल कर भी वो बेगाना बन जाए तो

मेरी आँखों को बख़्शे हैं आँसू

meri aankhon ko bakhshe hain aansoon

मेरी आँखों को बख़्शे हैं आँसू दिल को दाग़ ए अलम दे गए हैं, इस इनायत पे क़ुर्बान

गुलाब आँखें शराब आँखें

gulab aankhen sharab aankhen

गुलाब आँखें शराब आँखें यही तो हैं ला जवाब आँखें, इन्हीं में उल्फ़त इन्हीं में नफ़रत सवाल आँखें

सहर क़रीब है तारों का हाल क्या होगा

sahar qareeb hai taaron ka haal kya hoga

सहर क़रीब है तारों का हाल क्या होगा अब इंतिज़ार के मारों का हाल क्या होगा ? तेरी

फ़स्ल ए गुल है सजा है मयख़ाना

fasl e gul hai saza hai maykhana

फ़स्ल ए गुल है सजा है मयख़ाना चल मेरे दिल खुला है मयख़ाना, शाम के वक़्त बैठने के

फिरूँ ढूँढ़ता मयकदा तौबा तौबा

firoon-dhoondhta-maykada-tauba-tauba

फिरूँ ढूँढ़ता मयकदा तौबा तौबा मुझे आज कल इतनी फ़ुर्सत नहीं है, सलामत रहे तेरी आँखों की मस्ती

कहना ग़लत ग़लत तो छुपाना सही सही

kahna galat galat to chupana sahi sahi

कहना ग़लत ग़लत तो छुपाना सही सही क़ासिद कहा जो उस ने बताना सही सही, ये सुब्ह सुब्ह

अदा से देख लो जाता रहे गिला दिल का

ada se dekh lo jaata rahe gila dil ka

अदा से देख लो जाता रहे गिला दिल का बस एक निगाह पे ठहरा है फ़ैसला दिल का,

बात साक़ी की न टाली जाएगी

baat saaqi ki na taali jayegi

बात साक़ी की न टाली जाएगी कर के तौबा तोड़ डाली जाएगी, वो सँवरते हैं मुझे इस की