वो लोग ही हर दौर में महबूब रहे हैं

वो लोग ही हर

वो लोग ही हर दौर में महबूब रहे हैं वो लोग ही हर दौर में महबूब रहे हैं

वो ग़ज़ल वालों का उस्लूब समझते होंगे…

wo gazal walo ka usloob

वो ग़ज़ल वालों का उस्लूब समझते होंगे चाँद कहते हैं किसे ख़ूब समझते होंगे, इतनी मिलती है मेरी