उस बाप से नाता तोड़ लिया जिस बाप का था बेहद प्यारा

us baap se naata tod liya

उस बाप से नाता तोड़ लिया जिस बाप का था बेहद प्यारा तू माल हड़प कर बैठा है

दिल मोहब्बत में मुब्तला हो जाए

dil mohabbat me mubtila ho

दिल मोहब्बत में मुब्तला हो जाए जो अभी तक न हो सका हो जाए, तुझ में ये ऐब

ज़र्द मौसम के एक शजर जैसी

zard mausam ke ek sazar jaisi

ज़र्द मौसम के एक शजर जैसी सारी बस्ती है मेरे घर जैसी, जब बिगड़ता है वक़्त इंसाँ का

ख़त्म है बादल की जब से साएबानी धूप में

khatm hai baadal ki jab se

ख़त्म है बादल की जब से साएबानी धूप में आग होती जा रही है ज़िंदगानी धूप में, चाँद

नई पोशाक पहने है पुराने ख़्वाब की हसरत

nayi poshaak pahne hai

नई पोशाक पहने है पुराने ख़्वाब की हसरत मैं हँस कर टाल देती हूँ दिल ए बेताब की

वो काश मान लेता कभी हमसफ़र मुझे

wo kaash maan leta kabhi humsafar

वो काश मान लेता कभी हमसफ़र मुझे तो रास्तो के पेच का होता न डर मुझे, बेशक ये

चेहरा देखें तेरे होंठ और पलकें देखें

chehra dekhen tere honth

चेहरा देखें तेरे होंठ और पलकें देखें दिल पे आँखें रखे तेरी साँसें देखें, सुर्ख़ लबों से सब्ज़

एक हवेली हूँ उस का दर भी हूँ

ek haveli hoon us

एक हवेली हूँ उस का दर भी हूँ ख़ुद ही आँगन ख़ुद ही शजर भी हूँ, अपनी मस्ती

कुछ ज़रूरत से कम किया गया है

kuch zarurat se kam

कुछ ज़रूरत से कम किया गया है तेरे जाने का ग़म किया गया है, ता क़यामत हरे भरे

भुला दिया था जिस को एक शाम याद आ गया

bhoola diya tha jis

भुला दिया था जिस को एक शाम याद आ गया ग़ज़ाल देख कर वो ख़ुश ख़िराम याद आ